तेरा हर नाज उठाना चाहता हूँ, तुझे पलकों में बैठाना चाहता हूँ,
तेरे प्यार में अपनी पूरी दुनियां मिटाना चाहता हूँ,
वादा किया था साथ जीने और मरने का, उसी के हर जज्बात को बताना चाहता हूँ,
तेरा हर नाज उठाना चाहता हूँ................
जब दोस्ती की थी जवानी दहलीज में आकर , अब प्यार का इजहार करना चाहता हूँ,
प्यार और मोहब्बत की बुनियाद रख दी हमने , अब प्यार और इश्क की फ़रियाद चाहता हूँ,
अमन चाहता हूँ, प्यारा सा कफ़न चाहता हूँ..उसी के हर जज्बात को बताना चाहता हूँ,
जिंदगी के हर गम को सीने से लगाना चाहता हूँ, मैं सिर्फ तुझे चाहता हूँ तेरा प्यार चाहता हूँ,
प्यार के हर जज्बात को अपने कालमो से पेरोना चाहता हूँ , मैं इस दुनिया से अनजान लोगो को पहचानना चाहता हूँ,..
प्यारा सा अमन चाहता हूँ, और तेरा प्यार चाहता हूँ....बस तेरा प्यार चाहता हूँ...!!!
द्वारा ..संदीप शरद
सीनिईर प्लानिंग इंजिनियर
बी. टेक - अच्. बी .टी .आई. कानपूर
तेरे प्यार में अपनी पूरी दुनियां मिटाना चाहता हूँ,
वादा किया था साथ जीने और मरने का, उसी के हर जज्बात को बताना चाहता हूँ,
तेरा हर नाज उठाना चाहता हूँ................
जब दोस्ती की थी जवानी दहलीज में आकर , अब प्यार का इजहार करना चाहता हूँ,
प्यार और मोहब्बत की बुनियाद रख दी हमने , अब प्यार और इश्क की फ़रियाद चाहता हूँ,
अमन चाहता हूँ, प्यारा सा कफ़न चाहता हूँ..उसी के हर जज्बात को बताना चाहता हूँ,
जिंदगी के हर गम को सीने से लगाना चाहता हूँ, मैं सिर्फ तुझे चाहता हूँ तेरा प्यार चाहता हूँ,
प्यार के हर जज्बात को अपने कालमो से पेरोना चाहता हूँ , मैं इस दुनिया से अनजान लोगो को पहचानना चाहता हूँ,..
प्यारा सा अमन चाहता हूँ, और तेरा प्यार चाहता हूँ....बस तेरा प्यार चाहता हूँ...!!!
द्वारा ..संदीप शरद
सीनिईर प्लानिंग इंजिनियर
बी. टेक - अच्. बी .टी .आई. कानपूर

No comments:
Post a Comment