एक साज लिख रहां हूँ, कई बार लिख रहा हूँ,
मैं दूसरों का गम, हर बार लिख रहा हूँ ,
कोई प्यार में हैं डूबा, कोई याद मे हैं डूबा ,
उस डूबते की कश्ती हर बार लिख रहा हूँ!
वो कश्ती भी हैं पुरानी , वो राज था पुराना,
वो प्यार का फ़साना वो दिल का हैं तराना,
दुनियाँ को देखती हैं , नजरे थी पुरानी ,
वो प्यार की जवानी , दौलत की हैं कहानी,
कोई भूखा मर रहा हैं, कोई प्यासा ही मर रहा हैं,
गरीब था वो इंसां, इंसां की हैं कहानी,
ऐसी हैं वो जवनी, ऐसी हैं वो जवानी..... !!
मैं साज लिख रहा हूँ, अरमान लिख रहा हूँ,
गरीब था वो इंसा, गरीब की कहानी ,
मैं प्यार लिख रहा हूँ, जज्बात की कहानी,
दुनियाँ से दूर आकर मैं ख्वाब लिख गया हूँ,
वो प्यार का खजाना, मैं साज लिख गया हूँ,
ठोकर लगी तो मैं, गिर गया जमीं पर,
उस जमीं के खातिर एक राज लिख गया हूँ,
वतन की थी मिटटी, खोमश बन गई हैं,
लोगो ने मारा उसको, एक लाश बन गई हैं!!
कैसे कहूं मैं यारों, एक फ़रियाद लिख रहां हूँ,
आज अकेला बैठा, एक राज लिख रहा हूँ,
वर्षों पुराना एक ख्वाब लिख रहां हूँ,
भारत का हूँ एक इंसा , जो याद लिख रहा हूँ,
फ़रियाद लिख रहा हूँ, एक साज लिख रहा हूँ,
मुझको नहीं पता, मैं क्यों ये लिख रहां हूँ,
एक प्यार का फ़साना हर बार लिख रहा हूँ,
मैं सोचता हूँ हर दम, ख़तम करूं कहाँ पर,
ख़तम नहीं होती ये प्यार की कहानी,
वो कश्ती थी पुरानी, वो कश्ती थी पुरानी,
एक राज लिख रहा हूँ वर्षों की थी पुरानी वर्सो की थी पुरानी!
सीनिईर प्लानिंग इंजिनियर
बी. टेक - अच्. बी .टी .आई. कानपूर
Jahapanah Tussi Great Ho...!!
ReplyDeleteohh thnx Shirish
Deletenice one...........
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