हमारी कहानी - Covid-19
चार दीवार चार मरीज, सब पर था करोना का कमीज़
कुछ माइल्ड, कुछ मॉडरेट, मगर इलाज हुआ सबका परफेक्ट
दुवाएं थी चाहने वालो कि, जो मॉडरेट थे, वो माइल्ड हो गए। और जो माइल्ड थे, वो हस्ते हुए चाइल्ड हो गए।।
खूब हस्ते थे, हसाते थे, सबकी टेंशन को मिटाते थे
इम्यूनिटी को था बढ़ाना, इसीलिए सभी को था हसाना
डॉक्टर और स्टाफ का पी पी पी ई किट में आना,
उनका पसीना देख, हमारा पसीना आना
वहीं था जो मनोबल बढ़ाता था, और हमे करोना कि जंग से जिताता था
फिर क्या था,
जाने का समय आ गया, बीता हुआ 10 दिन याद आ गया
चार दीवार थी, ना हवा थी ना खुला आसमान था
मगर सबसे दोस्ती हुई, वो भी एक मुकाम था
सुबह होती तो हश देते, शाम तक खूब मजे लेते
पता ही ना चला, कब दिन गुजर गया
घर जाने का फिर फरमान मिलने लगा।
क्या जिंदगी हैं, कहां लेकर आती हैं
मौत के घर पर भी, दोस्ती निभा जाती हैं
और यहीं दोस्ती करोना पर जीत लाती हैं।
पर हम ये भी ना भूलनेगे, पी पी पी ई किट कैसे डॉक्टर स्टाफ झेलेंगे।
बहुत मुश्किल ये सेवा, जो करते हैं बिना चाहत की मेवा
खुदा उनको भी रब रखे, करोना से स्वस्थ रखे।।
संदीप शरद




