Monday, 26 March 2012

.....@@....अहसास....@@...!!



एक दिल की कहानी को सुनाने मैं आया हूँ,
हर ख्वाब की कश्ती को किनारे मैं लाया हूँ,
आंधी भी बहुत तेज हैं, बारिश भी बहुत हैं,
ये मोहब्बत जो किया हमने, सुनामी की तरह हैं,
एक बार जो आती हैं, कुछ बचता भी नहीं हैं,
जो बच गया यारों, वो मुकद्दर का धनी हैं,
मजनू भी यहाँ था, लैला भी यहाँ थी,
जब प्यार हुआ इनमें, तो सुनामी ये  बनी थी,
लोगो ने उसे प्यार का एक नाम दिया था,
जब टूट गए दोनों, वो सुनामी का कहर था,..........!!

आज सुनाता हूँ तुम्हें एक नई कहानी,
वर्षों सी नहीं हैं, पर कुछ हैं ये पुरानी,
ये कहानी भी उनकी हैं, जिनके शब्द हैं मिलते,
ये कैसी जवानी, मगर हैं एक तरफा कहानी-.....हैं एक तरफा कहानी...
जब दरमियाँ ये जिंदगी, कहने ये लगी थी,
तब प्यार की ये घटना ऐसे ही घटी थी,
न बात किया हमने, न आवाज दिया था,
उस चहरे पर अलग सा एक अहसास बना था,
मैं जनता नहीं था, कैसा ये प्यार था??,
लेकिन मुझे पता, वो एक तरफा प्यार था,
नादान था यूँ मैं भी, अनजान भी मैं था,
वो तो किसी और की बन कर ही रह गई,
मुझको पता न था, सच कहता जवाना,
फिर भी मैं प्यार के फ़साने मैं बह गया,
मैं सोचता रहा, वह अहसास लाएगी,
एहसास के फसाने में, मैं जलाता चला गया,
गुजर गया समय वो शाम आ गई,
वो दिन था उजाले की फिर रात आ गईं.......!!!
                                                                                    द्वारा :- संदीप शरद
                                                                                  सीनिओर प्लानिंग इंजिनियर (सिविल)
                                                                             बी . टेक . :- अच्. बी. टी. आई. - कानपूर




Saturday, 24 March 2012

@@....अल्फ़ाज.....@@.....!!!!




हम अल्फाज़ खोजते हैं अल्फाज नहीं मिलते,
अरमान मेरे दिल के हर बार नहीं मिलते!
हसते तो हम भी ऐसे, खुशियाँ हो मानों जैसे,
जब टूटते हैं दिल से तो राज नहीं मिलते!!
अरमान खोजते  हैं , आराम खोजते  हैं ,
इस दर्द भरी दुनियां में एक राज खोजते  हैं !
उस राज के लिए हर बार सोचते  हैं ,
कोई मरता हैं दिल से ऐसे कोई प्यार खोजते  हैं,
कोई खुशनसीब होता, कोई बदनसीब होता,
जो करता प्यार दिल से, वो जीत सोचते  हैं,
हारा वही यहाँ पर,जो अपना ही सोचते  हैं,
सोचा हैं दिल से ऐसे, वो राज हैं यहीं पर ,
वो अपनों के लिए ही , एक राज खोजते  हैं,
हम अल्फाज खोजते हैं,अल्फाज नहीं मिलते,
अरमान मेरे दिल के हर बार नहीं  मिलते ..........

 वो गम भी देखता हूँ, वो राज सोचता हूँ,
गरीब की कहानी इन्सां को सोचता हूँ,
महंगा हुआ यहाँ पर, एक राज बन गया हैं,
गरीब था वो इन्सां ,एक लाश बन गया हैं
सोचा था हमने ऐसे, आएगा कोई जैसे,
महंगा हुआ जवाना, खायेगा फिर वो कैसे,
गरीब था जो इन्सां वो हर रात मर रहा हैं,
पसीने की कमाई, अमीर भर रहा हैं,
गुलाम था जो भारत , आज याद आया,
वो अंग्रेज भी थे अच्छे,.... जब भ्रटाचार आज आया,
हम कैद हो गए हैं, एक राज बन गए हैं,
शमसान में बैठे, एक लाश बन गए हैं,
उस लाश की कहानी , एक अल्फाज खोजते हैं,
अरमान मेरे दिल के, हर बार खोजते हैं.....
ऐसी थी ये कहानी जो हम दिन और रात खोजते हैं
अल्फ़ाज खोजते हैं और अल्फ़ाज खोजते हैं ......!!!!

                                                                                               द्वारा :- संदीप शरद
                                                                                              सीनिओर प्लानिंग इंजिनियर (सिविल)
                                                                                             बी . टेक . :- अच्. बी. टी. आई. - कानपूर