Tuesday, 3 April 2012

एक प्यार चाहिए.......!!!!!


दरमियाँ हैं जिन्दगीं अल्फाज कह गए
एक राज हैं यहीं, आफताब कह गए,
किसने कहा की प्यार हैं, दूरियां यहाँ
ये प्यार - व्यार क्या हैं?, इन्सान कह गए,
जब प्यार हो गया यहाँ , तो एक नाम चाहिए
दो दिलों के बीच का एक राज चाहिए,
जब राज न मिला तो एक अल्फाज चाहिए
अल्फाज के दिलों का एक साज चाहिए,
जब साज मिल गए, तब दरमियाँ यहाँ
दरमियाँ हैं जिंदगी अल्फाज कह गए,...

अनजान लोग मिलते हैं, अन्जान सी जगह
उस अन्जान से मिलने के लिए, एक इन्सान चाहिए,
इन्सान भी वो कैसा, इन्सान चाहिए
इंसान बनने के लिए, एक प्यार चाहिए,
इस प्यार को पाने के  लिए एक राज चाहिए,
एक राज हैं यहाँ, अफताब कह गए,
दरमियाँ हैं जिंदगी अल्फाज कह गए.....

बेताब लोग हैं यहाँ , बेताब जिंदगी
बेताब हैं इन्सां यहाँ, बेताब हैं ख़ुशी,
बेताब ख़ुशी के लिए एक इन्सान चाहिए,
इंसान बनाने के लिए एक प्यार चाहिए.....एक प्यार चाहिए......!!!

                                                                                  द्वारा :- संदीप शरद
                                                                                  सीनिओर प्लानिंग इंजिनियर (सिविल)
                                                                             बी . टेक . :- अच्. बी. टी. आई. - कानपूर

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